सफल जीवन
दोस्तों, आजकल आम इन्सान की जिन्दगी बद
से बदतर होती जा रही है, और
इसके प्रमुख कारण हैं भ्रस्टाचार, महँगाई और बेरोजगारी जैसी बीमारियाँ। जो हमारे देश
को दिन-प्रतिदिन खोखला करती जा रही हैं। संयुक्त परिवार टूटते जा रहे हैं और
अनुशासन खत्म होता जा रहा है। लोग एक दूसरे की जान लेने पे तुले हुए हैं। इन सब के
बावजूद भी कुछ लोग हैं जो सफल जिन्दगी जी रहे हैं। आइये इस कहानी के माध्यम से
जानते हैं की क्या होती है सफल जिन्दगी?
एक बार एक बेटे ने पिता से पूछा – पापा
ये “सफल
जीवन” क्या
होता है ?
पिता, बेटे को पतंग उड़ाने ले गए।
बेटा पिता को ध्यान से पतंग उड़ाते देख रहा था…थोड़ी देर बाद बेटा बोला, पापा..ये
धागे की वजह से पतंग और ऊपर नहीं जा पा रही है, क्या हम इसे तोड़ दें? ये
और ऊपर चली जाएगी…
पिता ने धागा तोड़ दिया..पतंग
थोड़ा सा और ऊपर गई और उसके बाद लहरा कर नीचे आइ और दूर अनजान जगह पर जा कर गिर गई…तब
पिता ने बेटे को जीवन का दर्शन समझाया!!!
बेटा! “जिंदगी में हम जिस ऊंचाई पर
हैं..हमें अक्सर लगता की कुछ चीजें, जिनसे हम बंधे हैं वे हमें और
ऊपर जाने से रोक रही हैं जैसे : घर, परिवार, अनुशासन, माता-पिता
आदि और हम उनसे आजाद होना चाहते हैं…
वास्तव में यही वो धागे होते हैं जो हमें उस पर
बना के रखते हैं…इन
धागों के बिना हम एक बार तो ऊपर जायेंगे पर बाद में हमारा वो ही होगा जो बिन धागे
की पतंग का हुआ।”
जीवन में यदि तुम ऊंचाइयों पर बने रहना चाहते हो
तो, कभी
भी इन धागों से रिश्ता मत तोड़ना..”धागे और पतंग जैसे जुड़ाव के
सफल संतुलन से मिली हुई ऊंचाई को ही ‘सफल जीवन’ कहते
हैं बेटा।”
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