जैसी करनी वैसी भरनी || Motivational Story in Hindi
दोस्तों, आज हम इस पोस्ट में हम जैसी करनी वैसी भरनी (नीला सियार की कहानी The Blue Jackal) शेयर कर रहें हैं. इस कहानी में एक सियार जंगल के जानवरों को मूर्ख बनाने का प्रयास करता है. क्या वह उसमें सफ़ल हो पाता है? उसके साथ क्या होता है? यह जानने के लिए पढ़िए जैसी करनी वैसी भरनी.
एक
जंगल में बहुत सारे जानवर रहते थे। उसी जंगल में गीदड़ों का एक समूह भी रहा करता
था। सभी गीदड़ों में एक बहुत दुष्ट था। वह अपने ही साथियों को हमेशा परेशान किया
करता था। सभी उससे बहुत परेशान रहते थे। लेकिन जंगल के राजा शेर की डर से सभी को झुण्ड
में रहना पड़ता था।
गीदड़ अचानक उसी नील के डब्बे में गिर गया। बाहर निकला तो उसका सारा शरीर नीला पड़ गया था।
पहले तो वह बहुत परेशान हुआ कि वह कैसे अपने शरीर से रंग हटाये ? लेकिन थोड़ी ही देर में उसके मन में एक खुराफ़ात सूझी।
वह ख़ुशी से दौड़ता हुआ जंगल की ओर गया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा कि मुझे वन देवता ने जंगल का राजा बनाकर भेजा है और जो भी मेरी बात नहीं मानेगा वन देवता उसे जलाकर भष्म कर देंगे। उन्होंने ही मुझे ये रूप दिया है।
उसकी यह बात सुनकर जंगल में अफरा-तफरी मच गई और यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। जंगल के राजा शेर ने जब यह बात सुनी तो वह भी घबरा गया और उसने डर कर अपना सिंघासन उस गीदड़ के हवाले कर दिया।
सारे जंगल में घोषणा कर दी गई की वन देवता के आदेश के अनुसार जंगल के राजा का नया
चुनाव किया गया है और जो भी पशु-पक्षी उनकी आज्ञा की अवहेलना करेगा वन देवता उसे
दंड देंगे।
राजा बनने के बाद गीदड़ अक्सर अपने ही जाति के लोगों को परेशान करता रहता था। सभी अन्य गीदड़ उससे परेशान थे।
लेकिन वन देवता के डर के कारण कुछ बोल नहीं पाते थे। सारे पशु-पक्षी उसकी आज्ञा का
पालन करते थे।
कुछ समय बीतने के बाद एक दिन गीदड़ों का एक समूह घूमते हुए रात में पास के गांव में जा पंहुचा। अचानक उसी नील के गड्ढ़े में एक गीदड़ फिर से गिर गया और उसका सारा शरीर नीला पड़ गया। अब सभी की समझ में आ गया की यह सब कैसे हुआ। अब सभी गीदड़ों ने जंगल के अन्य जानवरों के साथ मिलकर उसे सबक सिखाने की योजना बनायीं।
योजना के अनुसार, अगले दिन जैसे ही रात हो गई सभी गीदड़ एक साथ ख़ुशी से अपनी आवाज में चिल्लाने लगे। उनकी आवाज सुनकर उस गीदड़ से भी रहा न गया और वह उन सब के पास जाकर उनके साथ खुशी से चिल्लाने लगा। सब को सारी बात पहले ही पता थी और अब विश्वाश भी हो गया था।
जंगल के
राजा शेर ने बिना देरी किये उसके ऊपर हमला कर दिया और उसे मारकर खा गया।
उसके कर्मों की सजा उसे मिल गई। इसीलिए कहते हैं कि जैसा आप कर्म करोगे उसका वैसा
ही फल एक न एक दिन अवश्य मिलेगा। “जैसी करनी वैसा फल।”
शिक्षा
1. ढोंग की पोल देर-सबेर एक दिन जरुर खुलती है। इसलिए हमें ढोंग से सदा दूर रहनी चाहिए। जैसे इस कहानी में नीले सियार का ढोंग बहुत दिन नहीं चल पाया । जब उसकी पोल खुली तब उसका राम-नाम सत्य हो गया ।
2. कोई कितना भी बदल जाए लेकिन उसका जन्मजात गुण कभी नहीं जाता। जैसे इस कहानी में अपने जाति के सियारों की हुवां-हुवां की आवाज सुनकर वह राजा बना नीला सियार अपना जन्मजात गुण नहीं भूल पाया और वह भी आसमान की ओर मुंह करके हुवां-हुवां करने लगा।
3. अन्धविश्वासी लोगों को भगवान के नाम पर मुर्ख बनाना सबसे आसान बात होती है। जैसे इस कहानी में नीले सियार ने भगवान के नाम पर जंगल के सभी जानवरों को मुर्ख बनाया था।
तो दोस्तों अपना बहुमूल्य समय देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद. इस ब्लॉग को लाइक, शेयर करके आप हमारा मनोबल बढ़ा सकते है. दोस्तों आप हमारे ब्लॉग को मिस नही करना चाहते तो कृपया चैनल को सब्सक्राइब कर दे. आपको यह ब्लॉग कैसी लगी हमें कमेंट्स करके जरुर बताये.
विडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करे












0 टिप्पणियाँ